Monday, 8 March 2021

अनुपम खेर की पहली शादी लखनऊ में दोस्तों ने घर के कमरे में करायी थी

      बॉलीवुड में चमके लखनऊ के फनकार....कश्मीरी पंडित हैं आैर उनके पिता श्री पुष्करनाथ खेर एक सरकारी क्लर्क थे। वे 1953 में कश्मीर से शिमला आ गये थे। अनुपम खेर का जन्म 7 मार्च 1955 को शिमला के लेडी रीडिंग अस्पताल में जब हुआ तो वहां की अंग्रेस नर्स ने उनकी मां श्रीमती दुलारी खेर से कहा कि यह बच्चा मुझे दे दीजिए। इस पर पिताजी ने सख्ती से मना कर दिया। उनकी शिक्षा डीएवी कालेज शिमला में हुई। जब वो क्लास नौ में थे तो पहाड़ से गिरकर उनकी जुबान पत्थर से घायल हो गयी। जिसके चलते वो तोतले हो गये। वे 'क" को 'त" बोलने लगे। तभी उनका एक लड़की से एक तरफा इश्क हो गया। जिसका नाम था कविता कपूर। उसकी पहली शर्त थी कि अगर अनुपम उसका सही नाम ले लें तो वह उनसे दोस्ती कर लेंगीं। अनुपम कामयाब नहीं हुए आैर पहली बार उनका दिल टूट गया।

 

    कालेज के जमाने से नाटकों से जुड़े होने के चलते उन्होंने इस फील्ड में कैरियर बनाने की सोची। घर में गरीबी थी। तभी अखबार में एक एड छपा पंजाब यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट आफ इंडियन थियेटर का जिसमें सेलेक्शन होने पर दो सौ रूपये स्टाइपेंड व एक साल का कांट्रेक्ट विद डिप्लोमा। उन्होंने पूजा घर में रखे एकसौ आठ रुपये में से सौ रुपये चुराये आैर पहंुच गये चंडीगढ़। घर लौटे तो पुलिस आ गयी थी मां की शिकायत पर कि उनका सौ रुपया चोरी हो गया है। फिर एक दिन पिताजी ने पूछा कि फलां दिन तुम पिकनिक कह कर गये थे आज सही सही बताओ कहां गये थे। सब सच उगल दिया। मां एक जोरदार थप्पड़ लगाया। पिता जी भी आगे बढ़े तो कान पकड़ लिया कि मैं नाटक नहीं करूंगा लेकिन पिताजी ने एक लेटर देते हुए कहा कि चल जा नाटक कर। माता जी ने कहा कि मेरे सौ रुपये? 'अरे उसे दो सौ रुपये महीना मिलेगा। तेरे सौ भी लौटा देगा।" जं चंडीगढ़ में उनकी पहली मुलाकात किरन सिंह ठाकुर (बाद में किरन खेर) से हुई।

     मन में प्यार के अंकुर फूटे लेकिन मन ही में रह गये। उनका आसमान विशाल था। फिर दाखिला राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में हो गया। वो अब्राह्म अलकाजी से बेहद मुतासिर थे। बहुत कम लोग जानते होंगे कि अनुपम खेर ने एनएसडी पास आउट करने के बाद 1979 में लखनऊ के भारतेन्दु नाट्य केन्द्र में टीचिंग की है। टीचिंग के दौरान वो अपने एक स्टूडेंट मिराज आलम के साथ रूम व साइकिल शेयर करते थे। जब पहली तन्ख्वाह मिली तो उन्होंने एक लेडीज साइकिल खरीदी। इसी खुशी में रोवर्स हजरतगंज में अपने खास स्टूडेंट्स को आइसक्रीम की दावत दी थी। तब भारतेन्दु नाट्य केन्द्र गोमती नगर में न होकर रविंद्रालय में था। उन दिनों वो उर्मिल कुुमार थपलियाल निर्देशित नाटक 'यहूदी की लड़की" कर रहे थे। दर्पण संस्था के सचिव डा. अनिल रस्तोगी ने पहले ही कह दिया था कि हम पैसा नहीं दे पायेंगे। वो बिना पैसे की नाटक करने को तैयार थे। लेकिन उनकी एक ही शर्त थी कि उन्हें पौने नौ बजे के बाद न रोका जाए क्योंकि उसके बाद उनका ढाबा बंद हो जाएगा। उनकी दिल्ली के एक प्रेमिका उनसे मिलने लखनऊ आतीं।

    फिर आलमबाग में कृष्णा श्रीवास्तव जी के मकान में वो किराये पर रहते थे। यहीं पर उनके कुछ दोस्तों हेमेंन्द्र भाटिया आदि ने उनकी शादी करा दी। फिर वो निराला नगर रहने आ गये। लेकिन कुछ दिनों बाद उन पर एक अमीर हसीना का दिल आ गया। तभी बम्बई से उनका बुलावा आ गया। वो प्रेमिका आैर नाटक को बीच में छोड़कर चले गये। लड़की के घर वालों ने अन्यत्र उसकी शादी कर दी आैर नाटक में यहूदी का मुश्किल रोल डा. अनिल रस्तोगी को करना पड़ा। लखनऊ के उभरते फिल्मकार मुजफ्फर अली से उनकी मित्रता थी। वे उत्तर प्रदेश सुगरकेन सीड डेवलेपमेंट कारपोरेशन की प्रमोशनल फिल्म बना रहे थे, फिल्म का नाम था 'आगमन"। ये बात है 1982 की। फिल्म में सईद जाफरी, सुरेश ओबेराय, दिलीप धवन आदि कलाकार थे। फिल्म का मेन लीड रोल अनुपम जी को ऑफर हुआ। वे फिल्मों में इंट्री का इंतजार ही कर रहे थे।

    फिल्म गन्ना डिपार्टमेेंट की प्रमोशनल फिल्म होने के नाते कोई कमाल न कर सकी। लेकिन इस फिल्म ने अनुपम में आत्म विश्वास जगा दिया। चल पड़े बम्बई। दो साल तक स्ट्रगल करने के बाद फिर उन्हें राजश्री प्रोडक्शन की महेश भट्ट के निर्देशन में बनने वाली फिल्म 'सारांश" मिली। जिसमें वे खुद 28 साल के होने के बावजूद साठ साल के एक रिटायर्ड मराठी मानुष का रोल करना था जिसका बेटा विदेश में मर जाता है आैर उसकी अस्थियां स्वदेश में आनी हैं। इस रोल के लिए उन्हें कई पुरस्कार मिले।... उनकी गाड़ी चल निकली। अब उनके राह में लखनऊ का स्टेशन छूट चुका था।... 

     फिल्मों के आफरों के ढेर लग गये। लेकिन ज्यादातर रोल बूढ़े व्यक्ति के थे। ओल्ड मैन की छाप न लग जाए इस डर से उन्होंने ज्यादातर रोल ठुकरा दिये। उनके खाते में जो फिल्में आयीं आैर जिनसे उनके अभिनय की गहराइयों का पता चलता है उनमें 'जाने भी दो यारों", 'खोसला का घोसला", 'दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे", 'डर", 'नागिन", 'लुटेरे", 'बेटा", 'शोला और शबनम", 'खेल", 'त्रिनेत्र", 'राम लखन", 'त्रिदेव", 'कर्मा", 'मिसाल", 'कहो ना प्यार है", 'डैडी", 'मैंने गांधी को नहीं मारा", 'ए वेडनेसडे", 'दिल है कि मानता नहीं", 'कुछ कुछ होता है", 'वीर जारा", 'एम एस धोनी", 'लम्हे", 'सूर्यवंश", 'द एक्सीडेंटल प्राइममिनिस्टर" को रखा जा सकता है। उन्होंने पंजाबी, मलयालम, अंग्रेजी, मराठी व गुजराती व हिन्दी सहित 500 से अधिक फिल्मों मेें कामेडियन, करेक्टर रोल व विलेन की भूमिकाएं निभायींं।

     हिंदी फिल्मों में काम करने के अलावा, उन्होंने कई प्रशंसित अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में भी काम किया है, जैसे गोल्डन ग्लोब कैटेगरी नामिनेटेड-'बेंड इट लाइक बेकहम" (2002)", एंग ली की गोल्डन लायन जीतने वाली 'वासना-सावधानी" (2007), और डेविड ओ रसेल की अस्कर विजेता 'सिल्वर लाइनिंग्स प्लेबुक" (2012)। उन्हें ब्रिटिश टेलीविजन सिटकाम की 'द ब्वाय विद द टाप नॉट" (2018) में उनकी सहायक भूमिका के लिए बाफ्टा नामांकन प्राप्त हुआ। इसके बाद, उन्होंने टीवी शो जैसे 'कुछ ना कहना", 'अनुपम अंकल", 'सावल दस करोड़ का", 'लीड इंडिया", और 'अनुपम खेर शो - कुछ भी हो सकता है" की मेजबानी की। उन्होंने फिल्म 'ओम जय जगदीश" (2002) के साथ निर्देशन में कदम रखा और निर्माता रहे। उन्होंने फिल्म 'मैंने गांधी को नहीं मारा" (2005) का निर्माण और अभिनय किया। उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें कराची अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला।...

    यही नहीं भारत में केंद्रीय फिल्म सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष के पद पर कार्य किया। 31 अक्टूबर 2018 को, उन्होंने अमेरिकन टेलीविजन शो 'न्यू एम्स्टर्डम" पर अपने काम का हवाला देते हुए इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट इंडिया (आईएफटीआईआई) के अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया, जिसे उन्होंने एक साल पहले ही ज्वाइन किया था। लखनऊ के भातेन्दु नाट्य अकाडमी के 1999 से तीन साल के लिए चेयरमैन रहे। फिर 2001 से 2004 के बीच वे नेशनल स्कूल आफ ड्रामा के निदेशक रहे।

     सिनेमा और कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें 2004 में पद्म श्री और 2016 में पद्म भूषण से सम्मानित किया। दो राष्ट्रीय पुरस्कार व 8 फिल्मफेयर पुरस्कार विजेता रहे हैं। अनुपम जी ने मध ुमालती से तलाक लेकर आैर उधर किरन खेर अपने पति से तलाक लेकर दोनों ने शादी कर ली।... उनकी पहली शादी से एक बेटा सिकंदर खेर भी फिल्मों से जुड़ा है आैर पिताजी का एक्टिंग स्कूल बम्बई अौर दुबई में देखता है।

      उनका एक नाटक 'कुछ भी हो सकता है" जो काफी कु छ उनके जीवन की घटनाओं पर आधारित है जिसका मंचन दर्पण की गोल्डेन जुबली में 2010 में लखनऊ में होना था। दर्पण संस्था के सचिव डा. अनिकल रस्तोगी बताते हैं कि उनके स्टाफ ने कहा कि उनकी फीस पांच लाख है। बाद में वे लखनऊ में अपना नाटक करने की तमन्ना के चलते एक लाख में तैयार हो गये। पचास हजार एडवांस भेज दिया गया। जब नाटक खत्म हुआ तो बाकी के पचास हजार जब उन्हें पेमेंट किये जा रहे थे तभी एक फोन आया आैर पैसे की कमी बता कर एक नाटक को कैंसिल करना पड़ रहा था। अनुपम खेर जी बोले आप मेरे पचास हजार भूल जाओ आैर उस नाटक को बुला लो।

     # प्रेमेन्द्र श्रीवास्तव

पूरा होगा यूपी में फ़िल्म इंस्टिट्यूट का सपना

    लखनऊ। फ़िल्म निर्माण और अभिनय में कॅरियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए यह खबर खास है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बहुत जल्द प्रदेश में एक फ़िल्म इंस्टिट्यूट की स्थापना करने जा रहे हैं। यह इंस्टिट्यूट मुख्यमंत्री के बहुप्रशंसित प्रोजेक्ट 'फ़िल्म सिटी' के भीतर ही 40 एकड़ क्षेत्र में स्थापित होगी। यहां निर्देशन, प्रोडक्शन, कोरियोग्राफी, एडिटिंग, स्क्रीनप्ले लेखन और साउंड रिकॉर्डिंग जैसे फ़िल्म और टीवी निर्माण से जुड़ी विविध विधाओं का प्रशिक्षण तो लिया ही जा सकेगा, अभिनय कला की बारीकियां भी सीखी जा सकेंगी। फ़िल्म सिटी को एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का नया ठिकाना बनाने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री ने फ़िल्म इंस्टिट्यूट की स्थापना को युवाओं का सपना साकार होने जैसा बताया है।

     मुख्यमंत्री योगी ने सोमवार को गौतमबुद्ध नगर में प्रस्तावित 'फ़िल्म सिटी' के विकास के संबंध में कार्ययोजना का अवलोकन किया। फ़िल्म सिटी विकास के लिए चयनित विश्वस्तरीय कंसल्टेंट 'सीबीआरई' और यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के अधिकारियों ने विश्व के विभिन्न देशों में विकसित इंफोटेनमेंट सिटी के गहन अध्ययन की रिपोर्ट प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में फ़िल्म सिटी के विकास के लिए सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध हैं। यीडा क्षेत्र में 1000 एकड़ में विकसित होने जा रही इस फ़िल्म सिटी में फ़िल्म, टीवी, ओटीटी निर्माण से जुड़े सभी आयामों का पूरा समावेश होना चाहिए। यही नहीं, वीएफएक्स, एनिमेशन और गेमिंग इंडस्ट्री के सुनहरे भविष्य को देखते हुए यहां इसके विकास की व्यवस्था भी की जाए। थीम आधारित मनोरंजन पार्कों की स्थापना फ़िल्म सिटी को पर्यटन स्थल के रूप में भी लोकप्रियता दिलाएगी।

     सभी संबंधित पक्षों से करें परामर्श :मुख्यमंत्री ने कहा फ़िल्म सिटी के स्वरूप के संबंध में भारत के साथ-साथ विश्व के प्रतिष्ठित फ़िल्म निर्माताओं, निर्देशकों, स्टूडियो, तकनीशियनों से भी परामर्श लिया जाए, ताकि उत्तर प्रदेश की फ़िल्म सिटी के रूप में दुनिया की एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को नया ठिकाना मिल सके। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास हों जिससे वर्ष 2022 तक यहां शूटिंग की प्रक्रिया शुरू हो सके। मुख्यमंत्री ने फ़िल्म सिटी की विविध परियोजनाओं को पीपीपी मोड पर संचालित करने के निर्देश दिए। प्रस्तुतिकरण के दौरान अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल और सूचना निदेशक शिशिर सहित यीडा और सीबीआरई के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Monday, 2 December 2019

बॉलीवुड की नई धड़कन राबिया सिद्धू

   बॉलीवुड की नई धड़कन राबिया सिद्धू..। पूर्व क्रिकेटर, राजनेता और टेलिविजन जगत के चर्चित सेलेब नवजोत सिंह सिद्धू किसी न किसी वजह से सुर्खियों में बने रहते हैं।

  वैसे अपने बयानों के साथ ही साथ सिद्धू अपनी शायरियों के लिए भी जाने जाते हैं। लेकिन इस न्यूज स्टोरी में हम आपको सिद्धू नहीं बल्कि उनकी बेटी राबिया सिद्धू के बारे में बताने वाले हैं।
   पिछले कुछ दिनों से राबिया के फोटोज सोशल मीडिया पर काफी शेयर किए जा रहे हैं। वहीं राबिया भी खूबसूरती और बोल्डनेस में बॉलीवुड अभिनेत्रियों को टक्कर देती नजर आती हैं।
  राबिया सोशल मीडिया पर न सिर्फ अपने दोस्तों के साथ वालीं फोटोज शेयर करती हैं बल्कि साथ ही साथ वो अपने शानदार फोटोशूट्स भी शेयर करती रहती हैं। वहीं उनके अकाउंट पर कई तस्वीरें उनकी मां और पिता के साथ भी हैं। वैसे बात करें राबिया सिद्धू के इंस्टाग्राम अकाउंट की तो उनके 41 हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं।
   वहीं वो खुद इंस्टाग्राम पर करीब 428 लोगों को फॉलो करती हैं। इसके साथ ही राबिया ने अभी तक कुल 128 सोशल मीडिया पोस्ट किए हैं। बता दें कि राबिया का पहला इंस्टाग्राम पोस्ट 20 अप्रैल 2013 को था।
   राबिया के सोशल मीडिया अकाउंट को देखने पर आप भी कहेंगे कि वो किसी अभिनेत्री से कम नहीं हैं। उनके फोटोज पर हजारों लाइक्स आते हैं। बता दें कि राबिया ने दिल्ली, पटियाला, सिंगापुर और लंदन में पढ़ाई की है।
   बता दें कि राबिया पाथवेज वर्ल्ड स्कूल से पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने सिंगापुर में फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई की है। यानी ये तो साफ है कि राबिया जल्दी ही फैशन वर्ल्ड में अपना सिक्का जमा लेंगी। वहीं ऐसी उम्मीद भी की जा रही है कि राबिया बॉलीवुड का भी रुख कर सकती हैं।

Friday, 15 November 2019

आमिर खान की बेटी इरा खान सुर्खियों में !

   अब एक बार फिर इरा का लेटेस्ट फोटोशूट सुर्खियों में है। बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान की बेटी इरा खान सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं।

  इरा अपनी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ से जुड़ीं फोटोज इंस्टाग्राम पर शेयर करती हैं। इरा के फोटोज अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल भी हो जाते हैं। ऐसे में अब एक बार फिर इरा का लेटेस्ट फोटोशूट सुर्खियों में है। 
  इरा के लेटेस्ट फोटोज में वो किसी जंगल जैसे इलाके में नजर आ रही हैं। हालांकि जंगल का ये कॉन्सेप्चुअल फोटोशूट काफी डिफरेंट है और हर फोटो में इरा बेहद सिजलिंग नजर आ रही हैं। खबर है कि इरा के फोटोज को उनके फैंस काफी पसंद कर रहे हैं और जमकर कमेंट कर रहे हैं।
   बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब अपने फोटो- वीडियो को लेकर इरा सुर्खियों में हैं। इससे पहले इरा का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में इरा एक्टिंग करती दिख रही थीं। 
  खबर है कि इरा ने वीडियो के कैप्शन में लिखा था, 'मैं शर्मीली हूं और मैंने इसपर काम करने की जहमत भी नहीं उठाई क्योंकि मैं एक्टिंग करना ही नहीं चाहती लेकिन अगर आप निर्देशन करना चाहते हैं, तो आपको समय-समय पर एक्टिंग करने की आवश्यकता पड़ती है। यहां मुझे खुद को हावी करना पड़ता है, कभी-कभी मैं मैनेज करती हूं । कभी-कभी मैं नहीं कर पाती ।'वहीं इस वीडियो के वायरल होने के पहले भी इरा युवराज सिंह की पत्नी की मदद करने के लिए सुर्खियों में थीं।
   खबर है कि पोस्ट को कीच हेजल ने सोशल मीडिया पर शेयर किया था। दिवाली पार्टी की फोटो शेयर करते हुए पोस्ट में हेजल ने लिखा था, 'दोस्ती क्या है? दोस्ती वो है जब आप अपने कपड़े शूट के लिए लेकर जाओ और दिवाली पार्टी के लिए तैयार होते वक्त आपको पताा लगे कि आपका कुर्ता तो घर पर ही रह गया है।' 
  गौरतलब है कि इरा खान और हेजल कीच काफी अच्छे दोस्त हैं। हेजल इरा खान के प्ले में मुख्य किरदार निभाते नजर आएंगी। इसके साथ ही बता दें कि इरा खान ने पहले ही ये बात साफ कर दी थी कि वो अभिनेत्री नहीं बल्कि निर्देशक बनना चाहती हैं।

Thursday, 14 November 2019

प्रियंका चोपड़ा का अमेरिका में अब नया आशियाना

  बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा जोनस किसी न किसी वजह से खबरों में रहती हैं। ऐसे में अब प्रियंका के फैंस के लिए एक खुशखबरी सामने आई है।

 दरअसल प्रियंका और निक जोनस ने अमेरिका के लॉस एंजिल्स में नया घर खरीदा है और इस घर की कीमत सुनकर आप भी जरूर कहेंगे- ओ माय गॉड। प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस ने लॉस एंजलिस में 144 करोड़ का नया घर खरीदा है।
   प्रियंका और निक लंबे समय से इस शहर में प्रॉपर्टी खरीदने की सोच रहे थे। निक जोनस अपना बैचलर घर पहले ही बेच चुके हैं और प्रियंका के साथ रहते हैं। आपको बता दें प्रियंका और निक बीते साल दिसंबर में शादी के बंधन में बंधे थे। दोनों जल्द ही अपनी पहली शादी की सालगिरह मनाने वाले हैं।
   लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक प्रियंका और निक ने 144 करोड़ में 20,00 स्कवायर फुट जगह खरीदी है। इसके साथ ही वह जो जोनस और सोफी टर्नर के पड़ोसी बन गए हैं। जिन्होंने 100 करोड़ में 15,000 स्कवायर फुट जमीन खरीदी है। दोनों की जगह में सिर्फ तीन मील की दूरी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक निक और प्रियंका के घर में 7 बेडरुम, 11 बॉथरुमस आउटडोर स्पेस और हाई सीलिंग है।

Tuesday, 27 August 2019

'मिशन मंगल' की धाकड़ कमाई

   बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार, विद्या बालन और सोनाक्षी सिन्हा की फिल्म 'मिशन मंगल' बॉक्स ऑफिस पर जमकर तहलका मचा रही है। 

   खबरों की मानें तो अक्षय कुमार की फिल्म देश के साथ विदेशों में भी खूब धूम मचा रही है। खबरों की मानें तो फिल्म मिशन मंगल ने रिलीज के 12वें दिन यानी सोमवार को 5-6 करोड़ रुपये की कमाई कर डाली है। 
   खबरों की मानें तो ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है। इस हिसाब से अक्षय कुमार की फिल्म ने अब तक 160 करोड़ रुपये के आस-पास की कमाई कर ली है। हालांकि अभी इसके आधिकारिक आंकड़े आने बाकी हैं।

Monday, 26 August 2019

अमिताभ, रेखा, रणवीर सिंह, सोनम सबसे फैशनेबल : कंगना

   बॉलीवुड फैशन आइकन कंगना रनौत को लगता है कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अमिताभ बच्चन, रेखा, रणवीर सिंह और सोनम कपूर अच्छी ड्रेसिंग सेंस की समझ वाले स्टार हैं। 

  लक्मे फैशन वीक में रविवार को मुंबई में मीडिया से बात करते हुए कंगना रनौत ने कहा, कई ऐसे लोग हैं, जो पीढ़ियों को प्रेरित करते हैं और मुझे लगता है कि रेखा जी उनमें से एक हैं। 
   उनके अलावा, दूसरे फैशनेबल एक्टर्स में अमिताभ बच्चन जी, रणवीर सिंह और सोनम कपूर भी आते हैं। उन्होंने आगे कहा, हालांकि, इन दिनों हर कोई फैशनेबल है। फैशन वीक के आखिरी दिन, कंगना ने डिजाइनर दिशा पाटिल के लिए शो स्टॉपर बनीं।

  अब देखिए धारावाहिक अनंतकोटि ब्रह्मांड नायक साईबाबा      तिरुपति फिल्म्स के बैनर तले बन रहे दैनिक धारावाहिक, अनंतकोटि ब्रह्मांड नायक साईबाब...